Wed. Jan 20th, 2021

केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि देश संविधान से चलेगा : रामेश्वर उरांव

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रांची : प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव के नेतृत्व में महिला एवं दलित उत्पीड़न की बढ़ती घटना के खिलाफ विरोध में गुरुवार को रांची में मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया गया। उत्तर प्रदेश की हाथरस घटना के विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने महिला व दलित उत्पीड़न विरोधी दिवस के तहत बापू वाटिका के समक्ष धरना दिया।

मौके पर रामेश्वर उरांव ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल में एसटी-एससी की सुरक्षा के लिए कानून बनाए गए। उसके साथ भाजपा की सरकार लगातार छेड़छाड़ कर रही है। यहां तक कि महिलाओं की सुरक्षा के साथ भी मानवता शर्मसार हो रही है।

उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं के साथ बढ़ते अन्याय, अत्याचार एवं दलित समाज तथा वंचित समुदाय के ऊपर उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं को लेकर एवं न्याय दिलाने की मांग को लेकर देश के सभी राज्य मुख्यालयों में पार्टी धरना दे रही है। केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि देश संविधान से चलेगा। पार्टी पूरी तरह से दलित समुदाय के साथ और आदिवासियों को न्याय दिलाने के लिए तत्पर है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा तथा एसटी-एससी वर्ग के हितों की रक्षा में केंद्र सरकार का रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। इन मामलें में केंद्र सरकार पूरी तरह से विफल रही है। जहां -जहां भी राज्य की सरकारें है, वहां महिलाओं की सुरक्षा का ध्यान रखना प्रथम जिम्मेदारी है। यदि कोई घटना हो जाती है तो प्राथमिकी दर्ज होने चाहिए। अपराधी पकड़े जाने चाहिए और अनुसंधान के मामले में फास्टट्रैक कोर्ट के माध्यम से लोगों को न्याय दिलाया जाना चाहिए। लेकिन हाथरस में उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरी मानवता को शर्मसार किया। सच तो यह है जहां-जहां भी भाजपा की सरकार है वहां दलित,आदिवासी और महिलाओं के ऊपर उत्पीड़न के मामले बढ़े हैं जिसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है।

विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी, विधायक रामचन्द्र सिंह ने कहा कि भाजपा कि प्रदेश, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर, संजय लाल पासवान, केशव महतो कमलेश, विधायक अंबा प्रसाद, पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव, महिला कांग्रेस के अध्यक्ष गुंजन सिंह, प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव आदि उपस्थित थे।इस बीच प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने बताया आगामी नौ नवम्बर को देश के सभी मुख्यालयों की तरह झारखंड में भी ट्रैक्टर रैली आयोजित की जाएगी। खेत बचाओ यात्रा का आयोजन किया जाएगा। केन्द्र सरकार द्वारा पारित कृषि काले कानून के खिलाफ राज्यव्यापी ट्रेक्टर रैली आयोजित की जाएगी।

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