Sat. Oct 31st, 2020

सीसीएल प्रतिवर्ष 200मिलियन टन कोयला उत्पादन के लिए तैयार : गोपाल सिंह

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रांची : सेंट्रल कोल्डफील्डस लिमिटेड(सीसीएल) के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक गोपाल सिंह ने कहा है कि साढ़े आठ वर्ष पहले उन्होंने जब पदभार संभाला, तो कई चुनौतियां सामने थी, लेकिन आज जब वे पद छोड़ रहे है, तो सीसीएल प्रतिवर्ष 200 मिलियन टन कोयला उत्पादन करने के लिए तैयार है।

उन्होंने मंगलवार को कहा कि उनके कार्यकाल में विस्थापितों की समस्याओं का समाधान हुआ। वे आज ही बीसीसीएल में सीएमडी का पदभार ग्रहण करने के लिए रवाना हुए। सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि साढ़े आठ वर्ष पहले जब उन्होंने पदभार ग्रहण किया था, तो सीसीएल में प्रतिवर्ष 47-48मिलियन टन प्रतिवर्ष उत्पादन हो रहा था, जिस परिस्थिति में काम हो रहा था, वही स्थिति आज होती, तो सीसीएल की स्थिति आज कुछ अलग होगी। लेकिन उनके कार्यकाल में पिपरवार में 14एमटी रिजर्व कोयला खत्म हो गया, टोरी और रोहणी में भी खनन खत्म हो गयी।

जबकि मगध आम्रपाली और अन्य नयी परियोजनाओं से प्रतिवर्ष 135 मिलियन टन उत्पादन हो सकता है। इसके अलावा अन्य पुरानी योजनाओं से भी 40 से 45मिलियन टन कोयला उत्पादन तैयार है। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में कई रेल परियोजनाएं भी पूरी हुई। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि चुरी माइंस में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। बीसीसीएल का पदभार लेने के संबंध में गोपाल सिंह ने बताया कि वे दो बार पहले भी वहां के प्रभार में रह चुके है,वहां के लोगों का उनको पूरा सहयोग मिला है। बीसीसीएल के लिए झरिया प्लान को लागू करना जरूरी है, क्योंकि यदि झरिया प्लान प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया गया, तो भविष्य में बीसीसीएल के पास कुछ भी नहीं बचेगा।

उन्होंने धनबाद क्षेत्र में विधि व्यवस्था की चुनौतियों के संबंध में कहा कि जब वे सीसीएल में आये थे, तो यहां भी कई चुनौतियां थी, उनसभी का समाधान हो चुका है, बीसीसीएल में भी सभी चुनौतियों का समाधान करने में सफलता मिलने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि सीसीएल के सीएमडी गोपाल सिंह को स्थानांतरित कर बीसीसीएल का सीएमडी बनाया गया है।

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