April 23, 2021

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गौ तस्करी मामले में बढ़ेगी तृणमूल नेताओं की मुश्किलें, सीबीआई ने बनाई सूची

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कोलकाता : देशभर से बड़े पैमाने में गायों को लाकर बांग्लादेश में तस्करी किए जाने के गोरखधंधे में बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल के कुछ नेताओं की संलिप्तता सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जल्द ही कुछ बडी गिरफ्तारी करने जा रही है।

इस गिरोह के सरगना इनामुल हक को शुक्रवार को ही कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई ने अपनी हिरासत में लिया है। साथ ही सीमा पर गायों को तस्करी करने में सहयोगी रहे बीएसएफ के कमांडेंट सतीश कुमार पहले से ही सीबीआई की हिरासत में हैं। कारोबारी राजेन पोद्दार भी सीबीआई की गिरफ्त में हैं।

तीनों से शुक्रवार देर रात तक गहन पूछताछ हुई है। जांच एजेंसी के एक सूत्र ने “हिन्दुस्थान समाचार” को बताया कि इनामुल हक से पूछताछ में पता चला है कि उसके संबंध सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस में काफी ऊंचे स्तर तक है। इसका लाभ लेकर वह देश के विभिन्न हिस्सों से गायों से भरे ट्रकों को सीमा तक पहुंचाता था।

दरअसल पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, बिहार और झारखंड से बड़े पैमाने पर गायों को ट्रकों में भरकर पश्चिम बंगाल में लाया जाता है। नियमानुसार पशु तस्करी अपराध है और स्थानीय पुलिस इसे रोकती है लेकिन पश्चिम बंगाल की सीमा में प्रवेश करते ही गायों से भरे ट्रक को कहीं भी नहीं रोका जाता था। इसकी वजह थी कि इनामुल हक ने अपना नेटवर्क पूरे राज्य में फैला रखा है और सत्तारूढ़ पार्टी के शीर्ष नेताओं तक अपनी पैठ बना रखी थी ।

जब भी गायों से भरा ट्रक किसी इलाके से निकलता था तो पुलिस को उसकी पूरी खबर रहती थी और उसे सुरक्षित तरीके से सीमा तक पहुंचाया जाता था। इस तस्करी से जो भी इनकम होती थी उसका बड़ा हिस्सा पुलिस प्रशासन के लोगों तक पहुंचाता था। साथ ही सत्ता में शामिल नेताओं तक भी तस्करी की रकम से मिली बड़ी खेप पहुंचाई जाती थी।

इनामुल से पूछताछ के बाद कई सफेदपोश लोगों के नाम का खुलासा हो चुका है जिनके सूची सीबीआई ने सूची तैयार की है। जल्द ही उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। बहुत हद तक संभव है कि कुछ लोगों की गिरफ्तारियां भी हों। अगर ऐसा हुआ तो विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ पार्टी की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। सारदा, नारदा, रोज वैली जैसे मामले पहले से ही तृणमूल कांग्रेस के गले की हड्डी बनी हुई है।

और अगर गौ तस्करी मामले में पार्टी के नेताओं को नोटिस भेजा जाता है तो विपक्ष को बैठे-बिठाए ममता बनर्जी को घेरने का मौका मिलेगा। सीबीआई सूत्रों ने बताया है कि गौ तस्करी से जो रुपये आते थे उसे हवाला कारोबार के जरिए दुबई भेज दिया जाता था जहां से बड़े पैमाने पर आतंक की फंडिंग भी हुई है। यानी गौ तस्करी का यह कारोबार बैक डोर से आतंकवाद की फंडिंग के लिए भी इस्तेमाल होता रहा है।

इसीलिए इस मामले में गिरफ्तार होने वालों की मुश्किलें और अधिक बढ़ेंगी। बीएसएफ कमांडेंट सतीश कुमार से पूछताछ के बाद सीबीआई ने बीएसएफ के 4 शीर्षस्थ अधिकारियों से भी पूछताछ की है। अब जांच अधिकारियों ने बताया है कि गौ तस्करी के मामले में बड़े पैमाने पर छापेमारी होगी। इधर इस कारोबार में धन शोधन से संबंधित जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच शुरू की है।

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