Wed. Aug 12th, 2020

भाजपा बताएं कि उनके दो राष्ट्रीय नेता दिल्ली से किस परिस्थिति में रांची आए : झामुमो

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रांची : भाजपा में मची हाहाकार के कारण राज्यसभा चुनाव के पूर्व भाजपा नेताओं को सामूहिक एकांतवास या लॉक डाउन कर रखने के निर्णय का हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं एवं इसकी भर्त्सना करते हैं।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने बुधवार को कहा कि भाजपा को बताना चाहिए कि उनके दो राष्ट्रीय नेता ओम प्रकाश माथुर और अरुण सिंह चार्टर्ड विमान से दिल्ली से रांची किस परिस्थिति में आए। क्या उस चार्टर्ड विमान में विधायकों के खरीद-फरोख्त के लिए काला धन भी साथ लेकर आए हैं।

उन्होंने कहा कि एनडीए की बैठक बुलाना हास्यास्पद इसलिए है कि आजसू पार्टी ने विगत विधानसभा चुनाव में एनडीए से अलग होकर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा था और बाबूलाल मरांडी भी भाजपा के खिलाफ ही चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचे हैं। निर्दलीय विधायक सरयू राय भी भाजपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास को हराकर विधानसभा पहुंचे हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायकों को सरला बिड़ला विश्वविद्यालय में एकांतवास या लॉक डाउन कर रखने का जो निर्णय लिया गया है, वह साफ दर्शाता है कि भाजपा शिक्षण संस्थानों को राजनीति का अड्डा बनाने पर तुली हुई है। सरला बिरला विश्वविद्यालय के माध्यम से कौशल विकास विभाग को चपत लगाकर करोड़ों रुपए का दुरुपयोग कर भाजपा के लिए शरण स्थली का निर्माण कराया गया है।

भट्टाचार्य ने कहा कि हम भारत निर्वाचन आयोग से यह मांग करते हैं कि वह तुरंत हस्तक्षेप कर जबरन लॉक डाउन या एकांतवास किए गए भाजपा के विधायकों को जो राज्यसभा के निर्वाचक मंडल के सदस्य हैं को तत्काल मुक्त करवाया जाए ताकि वे अपनी अंतरात्मा से एवं किसी भी दबाव या आर्थिक प्रलोभन से ऊपर उठकर स्वेच्छा से मतदान कर सकें।

उन्होंने कहा कि भाजपा का घबराहट इस कदर बढ़ गया है क्योंकि उन्हें मालूम है कि उनके अंदर नेतृत्व का संकट है। विधायक अपने ही मेयर से तू-तू मैं-मैं करते हैं। सांसद और विधायकों में तकरार आम है और भाजपा से बाहर के व्यक्ति को जबरन विधायक दल का नेता बनाने की कोशिश भाजपा के विधायकों को विचलित कर रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के अधिकांश विधायक व्यक्तिगत रूप से नेतृत्व के खिलाफ जाकर यूपीए के उम्मीदवार शिबू सोरेन के साथ-साथ कांग्रेस के उम्मीदवार की जीत को सुनिश्चित कर अपने केंद्रीय नेतृत्व को यह संदेश देना चाहते हैं कि प्रदेश में उत्पन्न आपसी मतभेद को पाटकर जबरन घुसे व्यक्ति को विधायक दल के नेता पद से बर्खास्त करें।

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