Sun. Sep 27th, 2020

भाजपा नेताओं को बुरुगुलीकेरा गांव जाने से पुलिस-प्रशासन ने रोका – धरने पर बैठा भाजपा केंद्रीय जांच दल

रांची : भारतीय जनता पार्टी का केंद्रीय जांच दल शुक्रवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुदरी प्रखंड के बुरुगुलीकेरा गांव के लिए रवाना हुआ, लेकिन पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला देते हुए केराईकेला चेकनाका के निकट टीम को बुरुगुलीकेरा गांव जाने से रोक दिया गया, जिसके बाद भाजपा नेता मौके पर धरना पर बैठ गये।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देश पर गठित इस छह सदस्यीय जांच दल में झारखंड के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ के कई वरिष्ठ पार्टी नेता शामिल हैं। भाजपा के सांसद समीर उरांव ने बताया है कि केंद्रीय जांच दल शुक्रवार को चाईबासा के लिए रवाना हुआ था, लेकिन कराईकेला थाना नाका के पास पुलिस ने सभी को रोक दिया। इसके बाद जांच दल में शामिल सभी नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गये।

उसके बाद पुलिस भाजपा नेताओं को चक्रधरपुर ले गयी। चक्रधरपुर में भी बीजेपी के नेता धरने पर बैठे रहे। कुछ देर के बाद प्रशासन की घेराबंदी तोड़कर सभी नेता आगे बढ़ने लगे। इस बीच उन्हें सोनुआ थाना के पास रोक लिया गया। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक ने बताया है कि अभी सभी नेता सोनुआ थाना में ही धरना पर बैठ गए हैं। समीर उरांव ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन की सरकार में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। आदिवासियों का हिमायती बनने वाली सरकार के गद्दी में बैठे एक महीने भी नहीं हुए और सात आदिवासियों की नृशंस हत्या कर दी गयी।

उन्होंने कहा कि जांच दल में सभी सांसद विधायक और बड़े नेता शामिल हैं। हम सभी शांति भंग करने कतई नहीं जा रहे। पीड़ित परिवारों से मिलने का हमारा हक बनता है। इसके बाद भी पुलिस और प्रशासन का रवैया ठीक नहीं है। छह सदस्यीय समिति में गुजरात के सांसद जसबंत सिंह, झारखंड के राज्यसभा सांसद समीर उरांव, महाराष्ट्र के सांसद भारती पवार, छत्तीसगढ़ की सांसद गोमती साय, पश्चिम बंगाल के सासंद जोन बार्ला और राज्य के पूर्व मंत्री और विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा शामिल हैं।

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