Wed. Nov 25th, 2020

भोजपुर में उत्साह और उमंग के बीच सम्पन्न हुआ बिहार का लोकपर्व छठ

आरा : नहाय खाय के साथ शुरू हुआ आस्था और विश्वास का महापर्व उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ सम्पन्न हो गया। चार दिवसीय छठ पूजा के अनुष्ठान के दौरान नहाय खाय, खरना, अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य और फिर उगते हुए भगवान भाष्कर को अर्घ्य देने को लेकर छठ व्रतियों के बीच उत्साह और उमंग का माहौल कायम रहा।

चार दिन के इस महापर्व के दौरान खरना के बाद से ही छठ व्रती निर्जला उपवास पर रहकर आस्था और विश्वास के इस महापर्व को और अटूट बनाने में लगे रहे। बुधवार से शुरू हुआ छत पूजा का महापर्व शनिवार को उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हो गया। छठ पूजा को लेकर भोजपुर में नदी,तालाब, आहर, पोखर के निकट छठ व्रतियों का सैलाब उमड़ पड़ा था।

एक दिन पूर्व शुक्रवार को जहां अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य देने स्त्री,पुरुष,महिलाएं और बच्चे छठ घाटों की तरफ उमड़ पड़े तो शनिवार को अहले सुबह भगवान सूर्य को उगते समय अर्घ्य देने के लिए छठ व्रतियों का हुजूम छठ घाटों की तरफ निकल पड़ा।

भोजपुर जिले के विभिन्न इलाकों में छठ घाटों पर छठ व्रतियों की भारी भीड़ देखी गई। गंगा किनारे के बड़हरा प्रखण्ड के बलुआ घाट,सिन्हा घाट, एकौना घाट,मौजमपुर घाट, सलेमपुर घाट,महुली घाट,बड़हरा घाट, नेकनामटोला घाट, सोहरा त्रिभुवानी घाट आदि कई गंगा घाटों पर छठ पूजा को लेकर छठ व्रतियों ने अर्घ्य दिया।

जिले के आरा शहरी क्षेत्र स्थित कलेक्ट्रेट घाट, आनंद नगर नहर घाट,धरहरा नहर घाट, मारुति नगर गांगी नदी घाट, गांगी पुल नदी घाट, चंदवा सूर्य मंदिर तालाब घाट सहित शहरी क्षेत्र के कई घाटों पर छठ पूजा सम्पन्न हुआ। भोजपुर जिले के जगदीशपुर, पीरो, बिहियाँ,शाहपुर, संदेश, चरपोखरी, गड़हनी और उदवंतनगर के बेलाउर सूर्य मंदिर आदि कई इलाकों में छठ पूजा का व्रत धूमधाम से सम्पन्न हुआ।

जिले के कोइलवर प्रखण्ड स्थित बहियारा गांव में सोन नद के तट पर निर्मित घाट पर बड़ी संख्या में छठ व्रतियों ने छठ पूजा की और अर्घ्य दिया। इस घाट का निर्माण पूर्व सांसद आर के सिन्हा की पहल पर कुछ साल पहले ही हुआ है जहां आसपास के लोग बड़ी संख्या में सोन नद के तट पर छठ करने पहुंचते हैं।

आस्था और विश्वास का महान पर्व छठ पूजा बिहार का लोकपर्व है और छठ पर देश के कोने कोने में रहने वाले भोजपुर के लोग अपने गांव शहर और घर पहुंचे और छठ पूजा की।

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