Fri. Sep 25th, 2020

पहली बार सावन में ऑनलाइन दर्शन देंगे बाबा बासुकीनाथ

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दुमका : कोरोना वायरस और लॉक डाउन के कारण पहली बार सावन में बाबा बासुकीनाथ ऑनलाइन दर्शन देंगे। बाबा बासुकीनाथ दर्शन को लेकर प्रशासनिक भवन सभागार में रविवार को मंदिर पंडा समाज के सदस्यों के साथ जिला प्रशासन की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता डीसी राजेश्वरी बी ने की। बैठक में डीसी राजेश्वरी बी ने बताया कि कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के कारण झारखंड सरकार और हाईकोर्ट ने बाबा बासुकिनाथ मंदिर को बंद रखने का आदेश दिया है।

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इस बार श्रावणी मेले का आयोजन बंद रखा जायेगा। सावन माह में श्रद्धालुओं व शिवभक्तों को बाबा का दर्शन कराने के लिए सरकार एवं जिला प्रशासन ने ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था कर रही है। सावन 6 जुलाई से शुरू हो रहा है। शिवभक्त जो जहां हैं, वे वहीं से बाबा का ऑनलाईन दर्शन कर पायेंगे। डीसी ने बताया कि सावन के महीने में मंदिर और आस-पास श्रद्धालुओं का प्रवेश निषेध है। सीमाओं को सील कर दिया गया है।

जगह-जगह चेकपोस्ट बनाये गये हैं। इससे किसी भी वाहन का प्रवेश जिले में नहीं हो सके। बिहार-बंगाल और अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश निषेध रहेगा। इंट्री के लिए ई-पास की आवश्यकता होगी। बासुकिनाथ मंदिर में सुबह की पूजा और श्रृंगार का वर्चुअल दर्शन भक्त कर पायेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन ने विभन्नि टीवी चैनलों, सोशल मीडिया, वेबपेज आदि पर प्रसारण की व्यवस्था कर रही है। इस वर्ष मंदिर के सौंदर्यीकरण का भी कार्य होना है।

डीसी ने कहा कि ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि भक्त बाबा का दर्शन हर रोज कर सकें। पूजा का समय सावन के लिए नर्धिारित होगा। समय का प्रचार प्रसार टीवी चैनलों व सोशल मीडिया के माध्यम से किया जायेगा, जिससे लोग सही समय पर टीवी या सोशल साइट पर ऑनलाइन दर्शन कर सकें।

बाबा मंदिर में प्रवेश करने वाले के खिलाफ होगी विधिसम्मत कार्रवाईः एसपी

एसपी अंबर लकड़ा ने बताया कि तालझारी, सरैयाहाट, शिकारीपाड़ा सहित मंदिर के आसपास चेकपोस्ट बनाये गये हैं। सभी जगहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल के साथ दंडाधिकारियों व पुलिस अफसरों को तैनात किया गया है। कोई भी भक्त बाबा मंदिर में प्रवेश नहीं करेगा। इसके लिए सीसीटीवी कैमरे से मंदिर की निगरानी भी की जाएगी। बाबा मंदिर में किसी को प्रवेश करते देखता जाता है तो आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

पंडा समाज के सदस्यों ने भी जिला प्रशासन को सहयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कोरोना के इस जंग हम सरकार एवं जिला प्रशासन के साथ है। मंदिर में किसी भक्त को प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा।

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