Sun. Aug 9th, 2020

आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे ने मीडिया से कहा – सरकार आदेश दे तो पीओके पर कब्जा

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 संसदीय संकल्प के अनुसार जम्मू-कश्मीर अखंड भारत का हिस्सा

नयी दिल्ली : पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को लेकर सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे ने कहा है कि सरकार आदेश मिलने पर हम कभी भी ऐक्शन ले सकते हैं। उन्होंने शनिवार को यहां वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पीओके के भविष्य को लेकर कहा कि यह भारत का हिस्सा बन सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका फैसला केंद्र सरकार को ही लेना है। सेनाध्यक्ष ने पाकिस्तान और चीन की चुनौतियों के सवाल पर कहा कि किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए हम तैयार हैं।

एलओसी पर पाकिस्तान की साजिश पर आर्मी चीफ ने कहा कि इंटेलिजेंस इनपुट और सेना की तत्परता के जरिए हम पाक की साजिशों को ध्वस्त करने में कामयाब हो रहे हैं। पीओके को भारत का हिस्सा बताते हुए गृहमंत्री अमित शाह संसद में बयान दे चुके हैं। इससे संबंधित सवाल पर आर्मी चीफ ने कहा, संसदीय संकल्प के अनुसार जम्मू-कश्मीर अखंड भारत का हिस्सा है। अगर संसद यह चाहती है कि क्षेत्र (पीओके) भी हमारे क्षेत्र में शामिल हो। इससे संबंधित आदेश जब भी आएगा, हम उचित कार्रवाई के लिए तैयार हैं।

चीन की सीमा पर स्थिति शांत, मैत्री तथा सौहार्दपूर्ण

भारत और चीन की सेनाओं के बीच सीधे बातचीत के लिए बहुप्रतिक्षीत हॉटलाइन जल्द ही शुरू होने वाली है। सेना प्रमुख ने कहा कि दोनों सेनाओं के बीच हॉटलाइन शुरू करने से संबंधित सभी मुद्दों का समाधान हो गया है और सैन्य संचालन महानिदेशक के स्तर पर यह हॉटलाइन जल्द ही शुरू होने वाली है। जनरल नरवणे ने कहा कि चीन की सीमा पर स्थिति शांति, मैत्री तथा सौहार्दपूर्ण है।

चीन से लगती सीमा पर अब से ज्यादा फोकस

नरवणे ने कहा कि सेना चीन से लगती सीमा पर अब पहले से अधिक ध्यान दे रही है और एक साथ दो मोर्चों पर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जरूरी संतुलन बनाया जा रहा है। दोनों देशों के राजनीतिक नेतृत्व के बीच दो शिखर बैठकों के बाद सीमा पर स्थिति बेहतर हुई है। सेना इस बात से भी भलीभांति परिचित है कि पाकिस्तान और चीन दोनों तरफ से खतरा है। पहले पाकिस्तान से लगते पश्चिमी मोर्चे पर ही सेना का ज्यादा फोकस रहता था, लेकिन अब सेना दोनों मोर्चों पर एक साथ आपात स्थिति से निपटने में सक्षम है।

सियाचिन सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण

दुनिया के सबसे ऊंचे रणक्षेत्र सियाचिन को सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि सियाचित और शक्सगम घाटी में चीन और पाकिस्तान दोनों की ओर से खतरे को देखते हुए वहां नजर बनाये रखना बेहद जरूरी है।

संविधान व उसके मूल्यों से बंधी है सेना

विपक्षी दलों और कुछ संगठनों द्वारा सेना के राजनीतीकरण के आरोपों के बीच सेना प्रमुख ने कहा कि सेना देश के संविधान से बंधी है और उसके मूल्यों की रक्षा के प्रति वचनबद्ध है। उसके प्रस्तावना में निहित न्याय, समानता, भाईचारे जैसे मूल्यों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है।

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