Wed. May 27th, 2020

एटक व एक्टू ने किया सांकेतिक विरोध प्रदर्शन

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मेदिनीनगर : मजदूर संगठनों के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को पलामू में एटक और एक्टू की ओर से सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया गया। मौके पर एटक के राज्य सचिव राजीव कुमार ने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा पांच किश्तों में की गई की घोषणा असल में शहरी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों में कई करोड़ कामकाजी आबादी को कोई राहत देने के बजाय वास्तविक रूप से विदेशी और घरेलू बड़े कॉर्पोरेट और व्यावसायिक घरानों के स्थायी सशक्तिकरण की योजना है।

एक्टू के रवीन्द्र भुइयां ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों को सीधे सार्वभौमिक भोजन सहायता और नकद सहायता उपलब्ध कराने की मांगों की अनदेखी करते हुए प्रधानमंत्री के इशारे पर श्रम कानूनों में किये जा रहे ये परिवर्तन देश में बड़े पैमाने पर निजीकरण के दौर की शुरुआत है।

कार्यक्रम के जरिये हम फंसे हुए श्रमिकों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाने, सभी को भोजन उपलब्ध कराने, बिना किसी शर्त के राशन वितरण, पूरे लॉक डाउन अवधि के लिए सभी को मजदूरी सुनिश्चित करने, असंगठित श्रमबल सहित सभी गैर-आयकर कर दाता परिवारों को कम से कम तीन महीने के लिए रु 7500 के नकद हस्तांतरण की व्यवस्था के रूप में तत्काल राहत की मांग करते हैं।

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