पलामू में पिपरमेंट मेंथा के अलावा शुगर फ्री आलू, काला धान (ब्लैक राइस) की खेती कर किसान अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. इस बार करीब 30 एकड़ में पिपरमेंट की खेती की गयी है. मुनाफा देखकर अन्य किसान भी इस खेती को करने का मन बना रहे हैं.

Jharkhand News: मेहनत के बल पर हाथों की लकीर को बदलने की कला अब झारखंड के पलामू जिले के हुसैनाबाद अनुमंडल की दंगवार पंचायत के डुमरहता गांव के किसान बखूबी सीख गये हैं. कभी अपनी परंपरागत खेती के लिए पहचान रखने वाले किसान अब व्यावसायिक खेती को अपनाकर अपने खेतों से सोना निकाल रहे हैं. जो खेत रबी और खरीफ फसलों की पैदावार के बाद परती रहती थी. अब उस परती खेत में इस भीषण गर्मी में फसलें लहलहा रही हैं. हम बात कर रहे हैं पिपरमेंट मेंथा की खेती करने वाले किसानों की. पिछले कुछ वर्षों से दंगवार पंचायत के डुमरहाता के किसान इसके अलावा शुगर फ्री आलू, काला धान (ब्लैक राइस) की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. इस बार करीब 30 एकड़ में पिपरमेंट की खेती की गयी है. मुनाफा देखकर अन्य किसान भी इस खेती को करने का मन बना रहे हैं.

खेती है थोड़ी महंगी, लेकिन मुनाफा अधिक

डुमरहता के किसान प्रियरंजन सिंह, अशोक सिंह, बिनोद सिंह, कृष्णा मेहता, राजकुमार मेहता समेत कई किसानों ने मिलकर पिपरमेंट व शुगर फ्री आलू समेत अन्य की खेती की शुरुआत की थी. किसान प्रियरंजन सिंह ने बताया कि पूरे भारत में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में इसकी पैदावार काफी होती है. इस खेती की लिए कुछ दिनों तक वहां रहकर प्रशिक्षण लिया था. यह खेती थोड़ी महंगी जरूर है, लेकिन उसके मुकाबले फायदा भी अधिक होता है. एक एकड़ में पिपरमेंट की खेती करने में करीब 15 से 20 हजार का खर्च आता है. चार से पांच बार सिंचाई करनी पड़ती है. करीब 100 से 120 दिन में फसल तैयार हो जाती है. गेहूं की फसल कटाई के बाद इसकी खेती शुरू होती है और धान के बिचड़े डालने से पहले इसकी फसल तैयार होकर कट जाती है.
 

पिपरमेंट के बाद शुगर फ्री आलू की खेती

अमूमन एक एकड़ में करीब 50 किलो तक पिपरमेंट मेंथा का तेल निकलता है. अब तो ऑयल निकालने की मशीन भी लग चुकी है. किसानों ने बताया कि जुलाई फ़र्स्ट वीक से काला धान की खेती शुरू की जायेगी. पिछले साल किसान सहकारी समिति के अध्यक्ष प्रियरंजन सिंह ने असम से इस काला धान का बीज मंगाया था. धान की अच्छी पैदावार हुई थी. आज ब्लैक राइस बाजार में करीब 500 से 600 रुपए प्रति किलो बिकता है. इसके साथ ही शुगर फ्री आलू की खेती शुरू की जायेगी.
 

पलामू आयुक्त कर चुके हैं गांव का दौरा

पलामू के आयुक्त जटाशंकर चौधरी ने डुमरहता गांव जाकर वहां के किसानों द्वारा की जा रही शुगर फ्री आलू, काला धान, लेमनग्रास, तुलसी समेत अन्य खेती का निरीक्षण किया है.