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सीएनटी के दायरे वाले 875 गांवों की जमीन का होगा सर्वे

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आदिवासी जमीनों के अवैध हस्तांतरण पर होगा फोकस

सामने आ जायेंगे छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम के उल्लंघन के मामले आदिवासी जमीनों के अवैध हस्तांतरण पर होगा फोकस

18.12.17
रांची : सीएनटी एक्ट के दायरे वाले जिलों रांची, खूंटी और सिमडेगा जिले के 875 राजस्व ग्रामों की जमीन का सर्वे किया जायेगा। सर्वे में इस बात पर फोकस किया जायेगा कि सीएनटी के दायरे से बंधी जमीनों का कहां-कहां अवैध तरीके से हस्तांतरण किया गया है। राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है। जैसे ही सर्वे का काम पूरा होगा, छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम के उल्लंघन के मामले स्वत: सामने आ जायेंगे। इसे सरकार के बड़े फैसले के रूप में लिया जा रहा है।

राजस्व विभाग की ओर से जल्द ही जमीन के सर्वे का काम प्रारंभ किया जायेगा। सर्वे हाई रिजोल्यूशन सेटेलाइट इमेजरी सिस्टम से किया जायेगा। इसमें इसके आधुनिकतम तकनीकों का इस्तेमाल होगा। जमीन के सर्वे के आधार पर अधिकार अभिलेख तैयार किये जायेंगे। इसमें जिले के अंतर्गत अवस्थित रेलवे और सरकारी भूमि भी शामिल किये जायेंगे। जमीन सर्वे में झारखंड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर उत्तराखंड स्थित आइआइटी रूड़की के सिविल अभियांत्रिक विभाग की मदद ली जायेगी।

अधिसूचित वनभूमि व शहरी इलाके में नहीं होगा सर्वे

राजस्व विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजस्व ग्रामों के सर्वे में उन क्षेत्रों का अधिकार अभिलेख तैयार नहीं कराया जायेगा, जो भारतीय वन अधिनियम की मार्फत संरक्षित वन घोषित हैं। साथ ही वैसे क्षेत्र भी इसमें शामिल नहीं होंगे, जो नगर निगम, नगर निकाय और अधिसूचित क्षेत्रीय समितियों के अंतर्गत आते हैं।
शहरी क्षेत्र को शामिल नहीं करने पर विवाद

विपक्षी दलों का यह कहना है कि जमीन के सर्वे में शहरी क्षेत्रों को भी शामिल करना चाहिए। यह सर्वे पूरी तरह से आधा-अधूरा रहेगा। विपक्षी दलों का आरोप है कि सीएनटी एक्ट का उल्लंघन ज्यादातर शहरी क्षेत्रों में ही हुआ है। इसलिए यदि सरकार को सच्चाई से अवगत होना है, तो इसमें नगर निगम, नगर निकाय क्षेत्रों को शामिल करना चाहिए।

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