झारखंड में रेलवे प्रोजेक्ट पर 40 हजार करोड़ से अधिक का होगा निवेश, बनेंगे 383 आरओबी और अंडर पास

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Ranchi: गुरुवार को पेश किए संसद में पेश अंतरिम बजट (2024-25) से झारखंड में रेलवे सेवाओं को और गति मिलने की उम्मीद है. बजट पेश होने के बाद रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने सभी रेलवे जोन के डीआरएम संग ऑनलाइन बैठक कर उन्हें जानकारी दी कि उनके जोन के लिए क्या क्या योजनाएं तय हुई हैं. रेलवे कैसे अपनी सेवाओं, माल ढुलाई, यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए क्या क्या करने जा रहा है. इस बैठक के बाद रांची रेलवे के डीआरएम जसमीत सिंह बिंद्रा ने डीआरएम कार्यालय, हटिया में मीडिया को जानकारी देते बताया कि इस बार राज्य के लिए 7234 करोड़ का प्रावधान (रेलवे) किए जाने की सूचना है. 2009 से 2014 के बीच प्रति वर्ष औसतन 457 करोड़ रुपये मिलते थे. अब 16 गुना अधिक प्रावधान हुआ है. पहले राज्य में औसतन 57 किमी रेलवे ट्रैक बनते थे. अब 170 किमी बन रहा है. रेलवे की ओर से यहां अब 40 हजार 73 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट किया जाएगा. इसके अलावा राज्य में 383 रेलवे ओवरब्रिज, अंडरपास का निर्माण किया जायेगा. 57 रेलवे स्टेशनों को रिडेवलप किया जाना है. बाइपास के लिए 43 करोड़ रुपये तय हुए हैं. मौके पर सीपीआरओ निशांत कुमार, रेलवे अधिकारी रमेश सिंह, मनीष कुमार सहित अन्य भी उपस्थित थे.

लॉजिस्टिक कॉरिडोर से लाभ

डीआरएम के मुताबिक रेलवे सेवाओं के विस्तार में और गति आने वाली है. तीन खास तरह के कॉरिडोर तैयार होने हैं. इनमें लॉजिस्टिक, एनर्जी कॉरिडोर वगैरह शामिल हैं. ऐसे प्रयासों से रेलवे की माल ढुलाई सुविधाओं में और वृद्धि होगी. सामान (माल) की आवाजाही और अधिक सरलता से हो सकेगी और व्यापार में वृद्धि होगी. देश भर में बिजनेस बढ़ेगा. रांची रेलवे के अंतर्गत लोधमा-पिस्का रेलवे लाइन पर और निवेश होगा. मुरी-बरकाकाना रेलवे लाइन तथा बंडामुंडा-हटिया के डबलिंग का काम होगा.

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