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NDA ने लगाया दम, फिर भी भाजपा में धुकचुक बरकरार : गुरुजी-बाबूलाल का साथ भाजपा का सिर दर्र्द

14 मई, 2019

रांची : एक समय था, जब संताल में बाबूलाल मरांडी के उभरते चेहरे के कारण गुरुजी शिबू सोरेन को दुमका सीट दो बार गंवानी पड़ी थी। भाजपा के टिकट पर बाबूलाल को दुमका से दो-दो बार जीत मिली, लेकिन समय बदल गया। 80 के दशक में शिबू सोरेन ने कांग्रेस के कब्जे से दुमका सीट जीती और लगातार बाजी मारते आये हैं। इस बार दुमका में शिबू सोरेन का साथ महागंठबंधन के बाबूलाल मरांडी भी दे रहे हैं, इसलिये शिबू सोरेन के लिये दुमका सीट चुनौती के रूप में नहीं होगी। ऐसे में लंबे समय से काम करने के बावजूद भाजपा को खासकर दुमका से कितनी कामयाबी मिलेगी, यह तो 23 को ही पता चलेगा।

वैसे भी संताल के वोटरों के बीच होनेवाली सभा में जैसे ही किसी तरह मंच पर खड़े होकर स्थानीय भाषा में यह कह देते हैं कि बाहरी लोगों को झारखंड से भगाना है। ये झारखंड को लूट लेगा, बर्बाद कर देगा, वैसे ही संतालवासियों के बीच जोशभर जाता है और अपने गुरुजी के प्रति मतदान के दिन वोटों की बरसात हो जाती है। हालांकि इस बार एक खास बात और है कि 75 प्लस की उम्र में जहां भाजपा ने अपने कई दिग्गज नेताओं का टिकट काट दिया है। वहीं शिबू सोरेन 75 प्लस के पड़ाव में भी फिर से मैदान में डटे हुए हैं। संतालवासी गुरुजी को वैसे भी भगवान के रूप में देखते हैं। फिर कहीं गुरुजी इस बार अपनी चुनावी सभा के दौरान यह कहते हैं कि यह उनकी अंतिम पारी है। इस बार सिर्फ संतालवासी साथ दें, उस बात का क्या परिणाम होगा। यह आनेवाले चुनाव परिणाम के बाद ही पता चलेगा।

भाजपा को नहीं मिल रहा चक्रव्यूह का भेद
इधर, रघुवर दास की सरकार बनते के साथ ही भाजपा का फोकस संताल ही रहा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और अन्य केन्द्रीय मंत्री और बडे़ पदाधिकारियों की यहां पर खास निगाहें रही हैं। सीएम रघुवर दास तो अपनी टीम के साथ यहां के विकास कार्य के लिये भी लंबी चौड़ी योजना बनाये, धरातल पर भी उतारे, बावजूद इसके भाजपा में अबभी धुकचुक की स्थिति बनी हुई है कि आखिरकार दुमका के इस किले को भेदंे तो कैसे?

मोदी लहर में भी झामुमो ने निकाली थीं दो सीटें
राजनीतिक जानकार बताते हैं कि दुमका ही संताल का गढ़ है, जिसे 2014 की मोदी लहर में भी प्रभाव नहीं पड़ा था। दुमका से शिबू सोरेन और राजमहल से विजय हांसदा ने झामुमो के टिकट पर जीत हासिल की थी और यही कारण है कि इस सीट को पाने के लिये भाजपा जी तोड़ मेहनत कर रही है। इसे संताल सीट में आदिवासी वोटरों का गढ़ कहा जाये या फिर सीट में नाक की लड़ाई, जिस पर हेमंत सोरेन को भाजपा का जोर बर्दाश्त करना पड़ रहा है।

भाजपा के टिकट पर दो बार जीते हैं बाबूलाल
भाजपा को इस बात की भी उम्मीद है कि कभी भाजपा के ही टिकट पर बाबूलाल मरांडी ने दुमका लोक सभा सीट से एक बार शिबू सोरेन को तथा दूसरी बार शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन को हराया था। इसके बाद से यहां से झामुमो ने अपना पूरा फोकस दुमका सीट पर ही कर दिया था और से लगातार शिबू सोरेन यहां से जीतते आये हैं।

पांच विस क्षेत्रों में झामुमो के दो विधायक
दुमका संसदीय क्षेत्र में विधानसभा की पांच सीटें हैं, उनमें दुमका से भाजपा की लुइस मरांडी, जामा से झामुमो से सीता सोरेन, जामताड़ा से कांग्रेस के इरफान अंसारी, शिकारीपाड़ा से झामुमो के नलिन सोरेन और सारठ से झाविमो के टिकट से जीतकर भाजपा में गये रणधीर सिंह बतौर विधायक हैं। इस तरह दुमका की पांच विधान सभा सीटों में भाजपा के दो विधायक, कांग्रेस से एक और दो झामुमो के विधायक मौजूद हैं।

कभी कांग्रेस का गढ़ था दुमका, 1980 से झामुमो के कब्जे में
कभी कांग्रेस के कब्जे में होनेवाली संताल परगना में झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन का एक छत्र राज है। वह लगातार 1980 से ही दुमका के सांसद बने हुए हैं। हालांकि शिबू सोरेन के यहां सांसद चुने जाने से पहले 1962, 1967 और 1971 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के एससी बेसरा यहां से जीत की हैट्रिक लगाते रहे। यहां से आखिरी बार कांग्रेस के प्रत्याशी पृथ्वी चंद किस्कू 1984 में जीते थे। इस चुनाव में झामुमो के शिबू सोरेन और भाजपा के सुनील सोरेन दोनों गुरु-शिष्य दुमका सीट पर अड़े हुए हैं।

राजमहल में फिर से हेमलाल-हांसदा आमने-सामने
राजमहल संसदीय सीट पर झामुमो ने 1989 में पहली बार जीत दर्ज की थी। तब साइमन के समक्ष कांग्रेस के विजय रथ को रोकने की चुनौती हुआ करती थी। साइमन मरांडी, झामुमो के टिकट पर यहां से तीन बार सांसद बने रहे। 2004 में झामुमो ने हेमलाल मुर्मू को आजमाया और पार्टी ने एक बार फिर यहां जीत दर्ज की। वर्तमान चुनाव में तीसरी बार हेमलाल मुर्मू भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इस चुनाव में भाजपा के हेमलाल मुर्मू और झामुमो के विजय हांसदा एक बार फिर से चुनाव मैदान में आमने-सामने हैं।

15 मई को प्रधानमंत्री दुमका में करेंगे प्रचार
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत दुमका में 15 मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी चुनावी सभा होना है। इससे पहले भी पीएम इस वर्ष झारखंड में अब तक लोहरदगा, रांची और चाईबासा में अपने चुनावी कार्यक्रम को संबोधित कर चुके हैं। वह एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। इसी क्रम में दुमका का कार्यक्रम आयोजित है। बताया जा रहा है कि पीएम के कार्यक्रम को लेकर एनडीए ने तैयारियां पूरी कर ली है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दुमका सीट से ही संताल के बाकि राजमहल, गोड्डा और दुमका के उम्मीदवारों का भी प्रचार हो जायेगा।