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मकान गिरने से मौत, सरकारी नौकरी और मुआवजे की मांग

पांच घंटे के गतिरोध के बाद तीन शवों का मेडिकल बोर्ड से कराया पोस्टमार्टम, जनप्रतिनिधि पहुंचे, पड़ौसी मकान मालिक के खिलाफ दी एफआईआर, निगम ने बिल्डिंग सीज की

15.05.2019

जोधपुर : शहर के पृथ्वीपुरा रसाला रोड पर सोमवार की देर रात मकान गिरने से तीन लोगों की मौत पर मंगलवार को परिजनों का अस्पताल की मोर्चरी पर हंगामा व प्रदर्शन चला। पांच घंटे से ज्यादा मांगों को लेकर चले गतिरोध के बाद प्रशासन ने मांगे मानी। आखिरकार दोपहर बाद शवों का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जा सका। इधर नगर निगम ने भी निर्माणधीन भवन को सीज करने की कार्रवाई कर डाली। अस्पताल की मोर्चरी के बाहर सैकड़ों लोग जमा हो गए। इनमें जन प्रतिनिधि भी शामिल थे।

सोमवार की रात को पृथ्वीपुरा रसाला रोड पर रहने वाले विजय राठौड़ के परिवार चार सदस्य घर की छत और नीचे सो रहे थे। तब रात में अचानक चली आंधी से पड़ौस के एक निर्माणाधीन भवन की इंटों की दीवार भरभरा कर गिर गई। यह दीवार विजय सिंह के मकान की छत पर गिरी और इससे मकान की पत्थर की पट्टियां भरभरा कर गिर पड़ी। इस हादसे में विजय सिंह राठौड़ की पत्नी नैनी देवी, पुत्र विनोद, पुत्र वधु कोमल पत्नी मनीष की मौत हो गई। जबकि हादसे में मनीष गंभीर रूप से घायल हो गया। इसक मथुरादास माथुर अस्पताल में उपचार चल रहा है।

इस घटना की जानकारी पर पुलिस व जिला प्रशासन देर रात उक्त स्थल पर पहुंचा और रेस्क्यू कर इन सभी को मलबे से बाहर निकलवाया। मगर तीन की अस्पताल में उपचार के समय मौत हो गई। आज तडके तक वहां से मलबा हटाने की कार्रवाई चलती रही।

पुलिस में दी रिपोर्ट: मृतक विनोद के चाचा कन्हैयालाल एवं मामा जसवंत सिंह की तरफ से महामंदिर थाने में इसकी रिपोर्ट दी गई है। जिसमें पड़ौसी मकान मालिक एवं ठेेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इनकी रिपोर्ट लेकर जांच आरंभ की है। पड़ौसी भवन मालिक गफूर खां होना बताया जाता है।
एमजीएच मोर्चरी पर प्रदर्शन: इस घटना को लेकर आज सुबह सैकड़ों की संख्या में महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी पर पहुंच गए। समाज के काफी लोग एवं जन प्रतिनिधि भी यहां पहुंचे। महापौर घनश्याम ओझा भी आ गए। मृतकों के परिजनों ने मुआवजा एवं सरकारी नौकरी की मांग की। इस पर पांच घंटों से ज्यादा गतिरोध चला। आखिरकार प्रशासन ने मुख्य सहायता कोष से मृतकों को चार चार लाख का मुआवजा दिलवाने की मांग मान ली। घायल को लेकर मुआवजा के बारे में अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। जिला कलेक्टर को सरकारी नौकरी का मांग पत्र: मृतक विनोद के चाचा कन्हैयालाल ने जिला कलेक्टर को एक लिखित पत्र दिया। इसमें घायल मनीष राठौड़ को सरकारी नौकरी की मांग की गई। मृतकों को मुआवजा के लिए भी लिखा है।