रांची

गंभीर बिजली संकट : टीटीपीएस में महज 10 दिनों का ही कोयला बचा – …तो ठप हो जायेगा उत्पादन

12.06.2019

रांची  : भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे झारखंड में गंभीर बिजली संकट उत्पन्न हो गया है। टीटीपीएस (तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन) में कोयले की कमी हो गयी है। मात्र 30,000 टन कोयला ही बचा है। टीटीपीएस की एक यूनिट में कोयले की कमी एवं टयूब लीकेज के कारण पांच दिनों से उत्पादन ठप है। मात्र एक यूनिट से ही उत्पादन हो रहा है। यदि यह एक यूनिट ही चलती रहे तो 10 दिनों में कोयला खत्म हो जायेगा और यदि दूसरी इकाई भी चालू हो जाये, तो अगले चार दिनों में कोयला खत्म हो जायेगा।

तब बिजली उत्पादन ठप हो सकता है। दो यूनिट चलाने के लिए प्रतिदिन 7 हजार टन कोयला चाहिए। अभी मात्र 30 हजार टन का स्टॉक बचा है। एक यूनिट से ही उत्पादन होने से राज्य में लोड शेडिंग कर बिजली की आपूर्ति की जा रही है। हालात यह हो कि बिजली के आने और जाने का समय निश्चित नहीं हो पा रहा है। बिजली की आंख मिचौली से राज्यवासी परेशान हैं। दो दिनों से राजधानी रांची में बिजली आपूर्ति की स्थिति चरमरायी हुई है।

बकाया के कारण रुकी है कोयला आपूर्ति

सीसीएल ने राशि बकाया होने के कारण कारण कोयले की आपूर्ति रोक दी है। इसके कारण उत्पादन प्रभावित हो रहा है। टीटीपीएस के एमडी अरविंद कुमार सिन्हा ने कहा कि टयूब लीकेज या अन्य समस्या तो एक दो दिनों में दूर की जा सकती है, मगर कोयले की कमी को दूर करना संभव नहीं है। सीसीसीएल, टीटीपीएस एवं जेबीवीएनएल को बैठकर इस मसले का हल निकलाना चाहिए। बारिश का मौसम शुरू होने वाला है। बारिश के दौरान बिजली की दिक्कत हो सकती है।

बिजली निगम नहीं कर रहा सीसीएल को पूरा भुगतान

एमडी अरविंद कुमार सिन्हा ने कहा कि बिजली निगम 80 करोड़ रुपए की बिजली हर माह लेता है और भुगतान 55 से 60 करोड़ रुपये करता है। हर महीने 20 से 30 करोड़ रुपये बकाया रह जाता है। यह बकाया हर माह बढ़ता चला रहा है। इस स्थिति में वे लोग नियमित रूप से सीसीएल को भुगतान नहीं कर पाते हैं। इसी कारण इस तरह की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

420 की जगह हो रहा 150 मेगावाट का उत्पादन

टीटीपीएस की दो यूनिटें क्रमश: 210-210 मेगावाट की है। अभी केवल यूनिट नंबर एक से 150 से 175 मेगवाट के बीच बिजली उत्पादन हो रहा है। दो नंबर यूनिट से गत शुक्रवार से ही बिजली उत्पादन ठप है। इसके कारण राज्य में बिजली कमी दर्ज की जा रही है। इस वहज से रांची समेत पूरे राज्य में शेडिंग करके बिजली आपूर्ति की जा रही है।